बड़ौत: बेघर होने से परेशान महिला ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति,समाधान न होने पर धरना देने की चेतावनी

बड़ौत

बागपत बड़ौत तहसील परिसर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बेसहारा महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी जीवन लीला समाप्त करने की अनुमति मांग ली।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बागपत बड़ौत तहसील परिसर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बेसहारा महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी जीवन लीला समाप्त करने की अनुमति मांग ली। दोघट कस्बे की रहने वाली पीड़ित महिला ने शनिवार को तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी भावना सिंह को एक मार्मिक ज्ञापन सौंपा। महिला का आरोप है कि पति से तलाक होने के बाद अब मायके वाले भी उसे संपत्ति से बेदखल कर प्रताड़ित कर रहे हैं, जिससे तंग आकर वह इच्छा मृत्यु की मांग कर रही है।

तलाक के बाद मायके में मिली प्रताड़ना, संपत्ति से किया बेदखल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बा दोघट के पट्टी भोजान निवासी इस्लामती पुत्री इकरामुद्दीन शनिवार को रोती-बिलखती बड़ौत तहसील मुख्यालय पहुंची। एसडीएम भावना सिंह को दिए ज्ञापन में महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी शादी वर्ष 2003 में मुजफ्फरनगर जनपद की तहसील व जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्राम तावली निवासी साहिल पुत्र इदरीश के साथ हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच आपसी मनमुटाव इस कदर बढ़ा कि बात तलाक तक पहुंच गई।

पति से अलग होने के बाद महिला के पास कोई सहारा नहीं था, जिसके कारण वह अपने माता-पिता के घर आकर रहने लगी। आरोप है कि कुछ समय बाद ही परिजनों का व्यवहार भी उसके प्रति पूरी तरह बदल गया। परिजन उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने लगे और उसे रहने के ठिकाने से भी वंचित कर दिया। हद तो तब हो गई जब महिला को परिवार की चल-अचल संपत्ति से भी पूरी तरह बेदखल कर दिया गया।

घर से बेघर होकर भुखमरी की कगार पर पहुंची पीड़ित

महिला ने बताया कि घर से बेघर हो जाने के कारण उसके सामने रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर पीड़ित महिला ने हताश होकर अधिकारियों से अपनी इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।

महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि उसकी इस गंभीर समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर समाधान नहीं कराया गया और उसे उसका हक नहीं दिलाया गया, तो वह तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एसडीएम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और संबंधित राजस्व टीम को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

 


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