बुलंदशहर: पंक्चर बनाने वाले की बेटी ने रचा इतिहास, बनीं PCS अफसर

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के अक्सर कहा जाता है कि “हौसलों के आगे आकाश भी छोटा पड़ जाता है”, और इसे सच कर दिखाया है बुलंदशहर की गायत्री वर्मा ने। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के अक्सर कहा जाता है कि “हौसलों के आगे आकाश भी छोटा पड़ जाता है”, और इसे सच कर दिखाया है बुलंदशहर की गायत्री वर्मा ने। शिकारपुर रोड की रहने वाली गायत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग UPPSC की परीक्षा में 210वीं रैंक हासिल कर पीसीएस अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है।

संघर्षों की भट्टी में तपा सोना

गायत्री की यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है। उनके पिता, राजकुमार वर्मा, एक छोटी सी दुकान पर टायर पंक्चर लगाने और चाय बेचने का काम करते हैं। आर्थिक तंगहाली और सीमित संसाधनों के बावजूद, राजकुमार ने अपनी बेटी के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। आज उनकी मेहनत और बेटी के अटूट संकल्प ने पूरे जिले का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है।

असफलता से सीखा जीत का मंत्र

अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए गायत्री ने बताया कि उनका सफर आसान नहीं था। अपने पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों को अपनी ताकत बनाया और तीसरे प्रयास में यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा

जैसे ही गायत्री के चयन की खबर मिली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। भावुक पिता राजकुमार वर्मा ने कहा, “आज मेरी उम्र भर की थकान मिट गई और मेहनत सफल हो गई।” गायत्री की यह कामयाबी साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव कभी भी सफलता की राह में रोड़ा नहीं बन सकते।

 

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