सिद्धार्थनगर: आरटीआई का जवाब न देना पड़ा भारी, 4 अधिशासी अधिकारियों पर लगा 25-25 हजार का जुर्माना

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिद्धार्थनगर जनपद के चार अधिशासी अधिकारियों पर सूचना का अधिकार अधिनियम के उल्लंघन के मामले में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर राज्य सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिद्धार्थनगर जनपद के चार अधिशासी अधिकारियों पर सूचना का अधिकार अधिनियम के उल्लंघन के मामले में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग के इस सख्त आदेश से जिले के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

बस्ती जनपद निवासी सुदृष्टि नारायण त्रिपाठी ने आरटीआई के माध्यम से नगर पंचायत उसका बाजार, नगर पालिका परिषद बांसी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर और नगर पंचायत शोहरतगढ़ के अधिशासी अधिकारियों से विभिन्न बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थीं। निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध न कराने और आवेदक को मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने पर मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुँचा।

आयोग की सख्त टिप्पणी और कार्रवाई

सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने न केवल सूचना देने में देरी की, बल्कि आयोग द्वारा दिए गए बार-बार के अवसरों और दिशा-निर्देशों की भी जमकर अवहेलना की। पेशी पर उपस्थित न होने और भ्रष्टाचार व लापरवाही बरतने के कारण आयोग ने चारों अधिकारियों को दोषी माना।

वेतन से होगी कटौती

आयोग ने आदेश दिया है कि जुर्माने की 25,000-25,000 रुपये की यह धनराशि संबंधित अधिकारियों के वेतन से काटी जाएगी। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है जो जन सूचना अधिकार अधिनियम को गंभीरता से नहीं लेते और पारदर्शिता के मार्ग में बाधा उत्पन्न करते हैं।

 

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