महराजगंज: देवदूत बनकर आए SSB के जवान,सड़क हादसे में घायल मासूमों समेत एक ही परिवार के 4 लोगों की बचाई जान

ठूठीबारी/निचलौल

महराजगंज जनपद में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल की 22वीं वाहिनी के जवानों ने शुक्रवार की रात अपने सेवा, सुरक्षा और बन्धुत्व के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर दिखाया। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

महराजगंज जनपद में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल की 22वीं वाहिनी के जवानों ने शुक्रवार की रात अपने सेवा, सुरक्षा और बन्धुत्व के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर दिखाया। नदी-02 ओपी पोस्ट के पास हुए एक भीषण ई-रिक्शा हादसे में घायल हुए चार लोगों के लिए एसएसबी की टीम देवदूत’साबित हुई और समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचा ली।

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि एक सामने से आ रही मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में ई-रिक्शा चालक संतुलन खो बैठा, जिससे उसमें सवार एक ही परिवार के चार लोग बिंद्रेश यादव (32 वर्ष), उनकी पत्नी सुमन यादव (30 वर्ष) और दो मासूम बच्चे अंश (6 वर्ष) व मोहिनी (8 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही समवाय प्रभारी ठूठीबारी, सहायक कमांडेंट प्रिया यादव और उप निरीक्षक अजित तालुकदार तत्काल मौके पर पहुँचे। रात का समय होने और आसपास कोई एम्बुलेंस या वाहन उपलब्ध न होने की स्थिति में सहायक कमांडेंट ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने सरकारी वाहन को ही एम्बुलेंस बना दिया। जवानों ने बिना समय गंवाए चारों घायलों को वाहन में लादा और सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल पहुँचाया।

अस्पताल में त्वरित चिकित्सा मिलने से सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना पाकर अस्पताल पहुँचे परिजनों को सुरक्षित देख उनकी आँखों में आँसू आ गए और उन्होंने एसएसबी की टीम का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

एसएसबी जवानों की इस त्वरित कार्रवाई और सेवा भाव की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जवान समय पर न पहुँचते, तो बच्चों की जान को खतरा हो सकता था।

 

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