बुलंदशहर: मौत के मुंह से बाहर आया 10 वर्षीय ऋषभ, 4 फुट लंबा सरिया शरीर के आर-पार होने के बाद सफल ऑपरेशन

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर नयागांव में खेल-खेल में हुए एक खौफनाक हादसे में 10 वर्षीय मासूम ऋषभ को नया जीवन मिला है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर नयागांव में खेल-खेल में हुए एक खौफनाक हादसे में 10 वर्षीय मासूम ऋषभ को नया जीवन मिला है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चले साढ़े तीन घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद मासूम के शरीर के आर-पार हुए लोहे के सरिये को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है। फिलहाल ऋषभ की हालत स्थिर है और उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार बताते चले की राजकुमार का मंझला पुत्र ऋषभ रविवार सुबह दोस्तों के साथ गेंद खेल रहा था। बॉल लेने के लिए वह पास के एक निर्माणाधीन प्लॉट में गया, जहाँ अचानक पैर फिसलने से वह लोहे के सरिये वाले पिलर पर जा गिरा। लगभग 4 फुट लंबा सरिया मासूम के गले के पास से होकर शरीर के आर-पार हो गया। हृदय विदारक घटना देख ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आरी से सरिया काटकर बच्चे को जिला अस्पताल पहुँचाया। जहाँ से उसे दिल्ली रेफर किया गया।

 

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 10 साल के ऋषभ ने अदम्य साहस का परिचय दिया। चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, सरिया शरीर में धंसा होने के बाद भी ऋषभ अस्पताल पहुँचने तक न तो रोया और न ही बेहोश हुआ। उसकी इस हिम्मत को देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।

सफदरजंग अस्पताल के डॉ. हितेश कौशिक ने बताया कि सरिया शरीर में काफी गहराई तक धंस गया था। सौभाग्य की बात यह रही कि सरिया हृदय और फेफड़ों को छूकर निकल गया, लेकिन उन्हें कोई गंभीर क्षति नहीं पहुँचाई। यदि ये महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते, तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। सफल ऑपरेशन के बाद परिजनों ने डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया है और राहत की सांस ली है।

 

Voice Of News 24