बुलंदशहर: यूजीसी के काले कानून के विरोध में सवर्ण समाज का हल्लाबोल, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बुलंदशहर

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में आज बुलंदशहर जनपद में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में आज बुलंदशहर जनपद में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। सामान्य वर्ग समिति के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में सरकार से यूजीसी के विवादित नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

प्रदर्शन में शामिल भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने सवर्ण समाज को अपना खुला समर्थन दिया। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि यूजीसी का यह काला कानून देश में समानता के अधिकार पर चोट करता है। उनके अनुसार, इस कानून के लागू होने से समाज में जातिगत अलगाव बढ़ेगा, जो राष्ट्र की एकता के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे छात्र-छात्राओं में समानता की भावना पैदा हो, न कि मतभेद।

धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि इस संवेदनशील मामले में आगामी 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय आना है। सवर्ण समाज के संगठनों का मानना है कि यह लड़ाई न्याय और समानता की है।

सामान्य वर्ग समिति और अन्य समर्थक संगठनों ने प्रदर्शन के अंत में देश के राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन कलेक्ट्रेट के सक्षम अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है। यूजीसी के विवादित नियमों को जनहित और छात्रहित में रद्द किया जाए।शैक्षिक संस्थानों में योग्यता और समानता को प्राथमिकता दी जाए।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 


Voice Of News 24

 

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