बलिया: राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय का महाकुंभ, एक ही दिन में निपटे 56,592 मामले; ₹21.40 करोड़ का हुआ समझौता

बलिया

जनपद बलिया में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद बलिया में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में कुल 56,592 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में कुल 21,40,36,140 रुपये की समझौता धनराशि तय हुई।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन जनपद न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनिल कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  संजय कुमार गोंड के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में न्यायालय के सभी पीठासीन अधिकारी, बैंक प्रबंधक, कर्मचारी तथा भारी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

लोक अदालत की सक्रियता का प्रभाव यह रहा कि कुल समझौता धनराशि में से 14,89,40,671 रुपये की वसूली मौके पर ही सुनिश्चित की गई। बैंक से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों में भी 2.55 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि तत्काल जमा कराई गई, जिससे न केवल राजस्व की प्राप्ति हुई बल्कि बैंक और ग्राहकों के बीच के विवाद भी खत्म हुए।

न्याय के इस मंच पर मानवीय संवेदनाएं भी देखने को मिलीं। परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश द्वारा 20 और अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश द्वारा 25 वैवाहिक मामलों का समाधान कराया गया। आपसी सहमति से हुए इन समझौतों के कारण कई परिवार टूटने से बच गए।

जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वर्षों से चले आ रहे विवादों को जड़ से खत्म करना और आमजन को बिना किसी मानसिक व आर्थिक बोझ के न्याय दिलाना है।

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