बुलंदशहर: जेवर कोतवाल की दबंगई से खाकी शर्मसार, गरीबों की दुकानों पर बरपा पुलिस का कहर

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद के जहांगीरपुर क्षेत्र से पुलिसिया उत्पीड़न का एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने ‘मित्र पुलिस’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


बुलंदशहर जनपद के जहांगीरपुर क्षेत्र से पुलिसिया उत्पीड़न का एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने ‘मित्र पुलिस’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जेवर कोतवाल संजय सिंह और उनकी टीम पर आरोप है कि उन्होंने सड़क किनारे अपनी रोजी-रोटी चला रहे बेहद गरीब मजदूरों की दुकानों को लात-घूसों और डंडों से बेरहमी से तहस-नहस कर दिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी गरीब दुकानदारों का सामान सड़क पर फेंक रहे हैं और उनके साथ अभद्र गाली-गलौज कर रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि जब वरिष्ठ पत्रकार योगेश शर्मा ने इस अमानवीय कृत्य को अपने मोबाइल में कैद करना चाहा, तो कोतवाल ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर न केवल उनका फोन छीन लिया, बल्कि अन्य पत्रकारों के सामान को भी जबरन फिकवा दिया। इस घटना का वीडियो समाजसेवी मनजीत मलिक द्वारा साझा किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर भारी उबाल है। हालांकि, सच दिखाने के बदले मंजीत मलिक को अब सोशल मीडिया पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ भी दी जा रही हैं।


यह पूरी घटना न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गहरे सवालिया निशान खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है ताकि जनता का कानून पर विश्वास बना रहे।

 

 

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