सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद के शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर भी अनिवार्य किए जाने के फैसले के विरोध में गुरुवार को जनपद के शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर भी अनिवार्य किए जाने के फैसले के विरोध में गुरुवार को जनपद के शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक संघ के संयुक्त बैनर तले लगभग 400 से अधिक शिक्षक जिला मुख्यालय स्थित बीएसए (BSA) ग्राउंड पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ा आक्रोश
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र ने बताया कि ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ था, जिसके तहत इसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य थी। हालांकि, 1 सितंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अब पुराने शिक्षकों के लिए भी इसे अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे हजारों शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटक गई है।

प्रमुख माँगें और चेतावनी
शिक्षक नेता राधे रमण त्रिपाठी ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा:
दिल्ली कूच: यदि जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करेंगे।
गैर-शैक्षणिक कार्यों का विरोध: शिक्षकों ने शिकायत की कि उनसे आधार कार्ड फीडिंग और सर्वेक्षण जैसे गैर-जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इन कार्यों से मुक्ति की मांग की है।

शिक्षकों का स्पष्ट कहना है कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहते हैं, लेकिन उन पर थोपे जा रहे नए नियम और अतिरिक्त कार्य उनके मानसिक और व्यावसायिक हितों के विरुद्ध हैं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 26, 2026





















