महराजगंज
महराजगंज जनपद के नगर पंचायत परतावल के वार्ड संख्या दो, बल्लभ नगर तिवारी टोला स्थित कोट भगवती मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के नगर पंचायत परतावल के वार्ड संख्या दो, बल्लभ नगर तिवारी टोला स्थित कोट भगवती मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। जौनपुर से चल के आए प्रवचनकर्ता डॉ. रजनी कांत द्विवेदी ने भगवान श्रीराम के धनुष भंग और विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए और तालियों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

प्रवचन के दौरान डॉ द्विवेदी ने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने जनकपुरी में शिव धनुष भंग कर माता सीता का वरण किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन के संदेश को विस्तार से समझाया। विवाह प्रसंग की प्रस्तुति के पश्चात विधिवत आरती उतारी गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

वहीं श्री धाम अयोध्या से पधारे आचार्य श्याम सुंदर पाठक ने अपने वैदिक विद्वानों के साथ मंत्रोच्चार कर पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। वैदिक मंत्रों की गूंज से सम्पूर्ण परतावल क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा नगर ‘परतावल धाम’ में परिवर्तित हो गया हो।

यज्ञ के दौरान कोट भगवती मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं द्वारा तुला दान का कार्यक्रम भी निरंतर जारी है। इसी क्रम में यज्ञ के यजमान बलवंत पाण्डेय ने अपनी धर्मपत्नी के साथ तुला दान कर पुण्य अर्जित किया और स्वयं को धन्य एवं कृतज्ञ बताया। तुला दान के इस विशेष अनुष्ठान को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महायज्ञ के सातवें दिवस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि परतावल में आयोजित यह धार्मिक आयोजन न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में भी विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से संत-महात्माओं के आगमन की संभावना है।
“पुलवामा के रणबांकुरों का बलिदान: जब प्रेम दिवस पर वतन के आशिकों ने लहू से लिखी वफादारी की अमर इबारत।”https://t.co/aOaobIWeUN
— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 14, 2026























