महराजगंज: यूट्यूब से सीखी डिजिटल ठगी, फर्जी आईडी से आधार-आयुष्मान कार्ड बनाने वाले दो गिरफ्तार

महराजगंज

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवां क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े डिजिटल फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा से सटे नौतनवां क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े डिजिटल फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। बैरवा बनकटवा स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र पर छापेमारी कर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अनधिकृत तरीके से आधार और आयुष्मान कार्ड बनाकर आम जनता से मोटी रकम वसूल रहे थे।

यूट्यूब और ‘एनीडेस्क’ का खेल

गिरफ्तार आरोपी सूर्यनरायण और धीरज चौरसिया ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यूट्यूब से ठगी का तरीका सीखा था। वे ‘एनीडेस्क’ (AnyDesk) ऐप के जरिए चोरी की आईडी-पासवर्ड का उपयोग कर रिमोट एक्सेस से लॉगिन करते थे। फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए गिरोह के मास्टरमाइंड मन्टू कुमार ने उन्हें व्हाट्सएप के जरिए आधार एनरोलमेंट ऐप और ‘फिंगर क्लोन’ (रबर का अंगूठा) उपलब्ध कराया था।

प्रति कार्ड 500 से 1000 रुपये की वसूली

यह गिरोह प्रत्येक कार्ड बनाने के बदले 500 से 1000 रुपये तक वसूलता था। वसूली गई राशि का आधा हिस्सा यूपीआई के माध्यम से मन्टू कुमार को भेजा जाता था। अब तक करीब 20 लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने मौके से लैपटॉप, आइरिस डिवाइस, बायोमेट्रिक मशीन, वेबकैम और नकदी बरामद की है। एसपी सोमेन्द्र मीना के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आधार अधिनियम 2016 की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार सहयोगी मन्टू कुमार की तलाश में जुटी है।

 

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