सिद्धार्थनगर: देवदूत बनी पुलिस, फंदे पर लटक रहे युवक को डेढ़ मिनट में मौत के मुंह से निकाला

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के सेमरा गांव में उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता से एक युवक को जीवनदान मिला है। पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव के चलते 27 वर्षीय विजय कुमार ने खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगा ली थी।

सिद्धार्थनगर जनपद के सेमरा गांव में उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता से एक युवक को जीवनदान मिला है। पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव के चलते 27 वर्षीय विजय कुमार ने खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगा ली थी। जहां करीब 200 ग्रामीण तमाशा देखते रहे और युवक को मृत मान चुके थे, वहीं पुलिस ने महज डेढ़ मिनट के भीतर दरवाजा तोड़कर उसे बचा लिया।

गश्त पर थी पुलिस, समय रहते मिली सूचना

घटना 6 फरवरी की शाम की है। मुंबई से लौटे विजय का खाना न मिलने पर मां से विवाद हुआ था। मां के शोर मचाने पर भीड़ तो जुटी, लेकिन कोई बचाने आगे नहीं आया। इसी बीच चौकी इंचार्ज राजेश कुमार तिवारी, हेड कॉन्स्टेबल ओमपाल गौतम और कॉन्स्टेबल पवन सिंह, जो महज 500 मीटर दूर गश्त पर थे, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे।

साहस और सूझबूझ से बची जान

पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए दरवाजा तोड़ा। विजय फंदे पर तड़प रहा था; चौकी इंचार्ज और हेड कॉन्स्टेबल ने उसे गोद में उठाकर सहारा दिया, जबकि कॉन्स्टेबल ने तुरंत रस्सी काटी। डॉक्टरों के अनुसार, अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो युवक की जान बचाना असंभव था। गौरतलब है कि विजय के पिता ने भी एक वर्ष पूर्व आत्महत्या की थी। पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

 

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