सिद्धार्थनगर: ‘मिशन शक्ति’ को ठेंगा दिखा रही इटवा पुलिस! 10 दिन से दर-दर भटक रही पीड़िता

सिद्धार्थनगर

उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियान चला रही है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियान चला रही है, वहीं सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक दलित पीड़िता पिछले 10 दिनों से न्याय के लिए थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन दबंगों के रसूख के आगे पुलिस मौन साधे बैठी है।

क्या है पूरा मामला?

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घटना इटवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पिपरा की है। 19 दिसंबर को 26 वर्षीय दलित महिला अपने घर में अकेली थी, तभी गांव का एक दबंग युवक घर में घुस गया और छेड़खानी करने लगा। जब पीड़िता और उसकी सास ने विरोध किया, तो आरोपी ने अपने भाई के साथ मिलकर दोनों महिलाओं को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा।

जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी

पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने न केवल जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने बताया, “आरोपियों ने कहा कि तुम्हारी जाति वालों के हाथ-पैर तोड़ देंगे, पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।”

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि 20 दिसंबर को लिखित शिकायत देने के बावजूद 10 दिनों तक इटवा पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। थाने से न्याय न मिलता देख, 30 दिसंबर को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की चौखट पर दस्तक दी।

पीड़िता का दर्द: “थाने जाओ तो पुलिस टरका देती है। पुलिस की इसी ढिलाई की वजह से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे अब घर में घुसकर धमकी दे रहे हैं।”

कप्तान ने दिया कार्रवाई का भरोसा

पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कप्तान के आश्वासन के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इटवा पुलिस अपनी सुस्ती त्याग कर आरोपियों को जेल के सलाखों के पीछे पहुंचाती है या नहीं।

 

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