महराजगंज: ‘नीलगायों की धमाचौकड़ी’ से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, रात-भर खेतों में पहरा देने को मजबूर अन्नदाता

महराजगंज

महराजगंज जनपद के धानी क्षेत्र में इन दिनों किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के धानी क्षेत्र में इन दिनों किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक तरफ महंगाई, खाद की किल्लत ने कमर तोड़ रखी है, तो दूसरी तरफ नीलगायों और छुट्टा पशुओं का आतंक फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर रहा है। आलम यह है कि दिन भर खेतों में हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद किसानों को कड़ाके की ठंड में पूरी रात फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है।

सब्जी की फसलों को पहुंचा रहे भारी नुकसान

क्षेत्र के किसानों ने बताया कि नीलगायों और छुट्टा पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर आलू, गोभी, टमाटर और मटर जैसी नकदी फसलों को न केवल खा रहे हैं, बल्कि उन्हें रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दे रहे हैं। जंगली जानवरों की इस धमाचौकड़ी से किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

किसानों की बढ़ी मुसीबतें

स्थानीय किसानों का कहना है कि खेती अब घाटे का सौदा साबित हो रही है।

लागत की मार: खाद और बीज पहले ही महंगे और कम मिल रहे हैं।

रात का पहरा: जानवरों से बचाने के लिए किसानों को रात भर जागना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

प्राकृतिक मार: मौसम की अनिश्चितता के बाद अब जानवरों का आतंक फसल की उपज को शून्य कर रहा है।

प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की मांग

सैकड़ों एकड़ में फैली फसलों की बर्बादी को देख किसानों में भारी रोष है। क्षेत्र के अन्नदाताओं ने जिला प्रशासन और वन विभाग से गुहार लगाई है कि नीलगायों और छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

 

Voice Of News 24

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