“मेरी बहन के लिए कोई गाली नहीं सुनेगा, मर जाएगा…” जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर पुष्पेंद्र ने पुलिस को भावुक बयान दिए, परिवार ने SSP से मांगा इंसाफ

मेरठ

मेरठ जनपद के भावनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर पुष्पेंद्र नागर ने अस्पताल में पुलिस को बयान दर्ज कराते समय भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

मेरठ जनपद के भावनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर पुष्पेंद्र नागर ने अस्पताल में पुलिस को बयान दर्ज कराते समय भावुक होकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह से कहा, “अगर दरोगा व अन्य पुलिसकर्मियों ने सही किया है… मैं भी परिवार से हूं… तो इन बयानों का पेज फाड़ दो। कोई अपनी बहन के लिए ढाई सौ गाली नहीं सुनेगा, मर जाएगा।”

पुष्पेंद्र ने भावनपुर पुलिस पर टॉर्चर करने और दरोगा देवेश सिंह पर नशे में आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया।

क्या है पूरा मामला?

भावनपुर के मुबारकपुर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर पुष्पेंद्र नागर से सोमवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने 20 हजार रुपये लूटे थे। डायल 112 और बाद में थाने के दरोगा देवेश सिंह व विकास सिंह मौके पर पहुंचे और पुष्पेंद्र को थाने ले आए।

थाने में टॉर्चर और जहर खाना

पुष्पेंद्र का आरोप है कि थाने में नशे में धुत दरोगा देवेश सिंह और विकास सिंह ने उन्हें एक कमरे में ले जाकर पीटा, आपत्तिजनक शब्द कहे और उनके मोबाइल-कार की चाबी छीन ली। इस अपमान से व्यथित होकर घर लौटने के बाद पुष्पेंद्र ने जहर खा लिया।

पुलिस हुई हरकत में, दर्ज हुई FIR

पुष्पेंद्र के जहर खाने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में लूट की एफआईआर दर्ज हुई और दो घंटे के भीतर लुटेरे पकड़े गए। हालांकि, मुकदमे में टॉर्चर करने वाले दरोगाओं का नाम न खोलकर ‘अज्ञात’ पुलिसकर्मी दिखाया गया, जिसका परिजनों ने विरोध किया।

नये थानाध्यक्ष ने दर्ज किए बयान

स्वास्थ्य में सुधार होने पर नए थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह खुद अस्पताल पहुंचे और पुष्पेंद्र के बयान दर्ज किए, जिसकी वीडियोग्राफी भी की गई। बयान दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुष्पेंद्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

 

 

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