19 साल की दिव्या देशमुख बनीं FIDE महिला चेस विश्व कप चैंपियन, कोनेरू हम्पी को हराकर रचा इतिहास!

ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय शतरंज की दुनिया में एक नया सितारा उभरा है! 19 साल की युवा सनसनी दिव्या देशमुख ने FIDE महिला चेस विश्व कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है।। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

भारतीय शतरंज की दुनिया में एक नया सितारा उभरा है! 19 साल की युवा सनसनी दिव्या देशमुख ने FIDE महिला चेस विश्व कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में अपनी ही देश की अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को एक रोमांचक टाई-ब्रेकर मुकाबले में मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के बाद दिव्या काफी भावुक नज़र आईं।

दिव्या देशमुख का शानदार सफर

9 दिसंबर 2005 को जन्मी दिव्या देशमुख एक भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर ली हैं। उनके करियर में यह एक और मील का पत्थर है।

ओलंपियाड में प्रदर्शन: दिव्या ने महिला शतरंज ओलंपियाड में दो स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

विश्व कप जीत: 2025 में FIDE महिला चेस विश्व कप जीतकर उन्होंने न केवल खिताब अपने नाम किया, बल्कि 2026 के महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है, जो विश्व चैंपियनशिप की राह में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक ऐतिहासिक फाइनल

कोनेरू हम्पी जैसी विश्व स्तरीय खिलाड़ी के खिलाफ जीतना दिव्या के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। टाई-ब्रेकर में मिली यह जीत उनके धैर्य, कौशल और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इस जीत के साथ, दिव्या भारतीय शतरंज के भविष्य के लिए एक उज्ज्वल संकेत दे रही हैं।

यह जीत निश्चित रूप से भारत में शतरंज को और बढ़ावा देगी और कई युवा खिलाड़ियों को इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

 

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