अयोध्या में महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले आईजी प्रवीण कुमार ने भीड़ प्रबंधन पर लिखे कविता, पढ़कर रह जायेंगे दंग

ब्यूरो रिपोर्ट 

अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार ने भीड़ प्रबंधन पर कविता लिखकर इस वक्त सुर्खियों में बन गए हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

 

अयोध्या आईजी प्रवीण कुमार, 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी, अयोध्या में महाकुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इस अनुभव को कविता में व्यक्त किया, जो चर्चा का विषय बनी हुई है। राम मंदिर में 1.26 करोड़ भक्तों के दर्शन के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन की मिसाल पेश की।

आइजी प्रवीण कुमार द्वारा रचित ये रही मनमोहक कविता

छोटा सा ये गर्भ गृह, छोटे से मेरे राम लला। पूरा कुंभ उमड़ के आया, जहाँ विराजित रामलला।।

कोई चले प्रयागराज से और कोई काशी से। पहुँच रहा है पूरा भारत, वाया सतना झांसी से।‌

पूरे भारत की दिखती सड़क मार्ग पर ही झाँकी। होल्ड करे, फिर छोड़ा करती,सरहद सरहद पे खाकी।।

अमेठी, प्रयागीपुर, यादवनगर और कूड़ेभार। हलियापुर, बंकी संग गोंडा, बाँटा करते सारा भार।
रुकना कोई एक न चाहे, तुरंत पहुँचने को तैयार।।

नए रास्ते खोज रहे, लिये जी.पी.एस. बस और कार।जितना लीकेज, उतनी डांटें, मिलती सबको बारंबार।।

दिन और रात अनवरत श्रम से, हर एक शख्स हुआ दो-चार। कोई आकुल, कोई व्याकुल, कब होंगे दर्शन दीदार।।

अधिकांश श्रीराम नाम ले, करते बारी का इंतजार। कोई पुलिस प्रशासन को मुक्तकंठ देता आभार। तो कोई ज्ञानी परस रहा था, सोशल मीडिया पे उद्गार।।

पहुँचे अयोध्या की पार्किंग, चतुर्दिक वाहन कतार।
एक सीमा से ज्यादा वाहन, तो हो जाए बंटाधार।।

पंचकोस सा डायवर्जन है, पहुंचे जो टेढ़ी बाजार। धर्मपथ से फटिकशिला, कच्चा घाट हुआ तैयार।।

एल.एच.एस./आर.एच.एस. में, रामपथ की छटा निहार।
थोड़ी दूरी अधिक समय में, श्रद्धालु करते थे पार।।

भंवर बन रही पोस्ट ऑफिस पे, या थमता श्रृंगारहाट। पल भर में नियंत्रण करती, खाकी महिमा अपरंपार।।

बरनौली प्रमेय लगायी, क्राउड मैनेजमेंट के दीदार। कितने आउटफ्लो में अपने, कितने इनफ्लो की दरकार।।

एक-एक जनपद, एक-एक कर्मी, सौंप रहा था अपना सार।तो क्या हुआ कुंभ ना पहुँचे, इनका दर्शन ही त्यौहार।।

क्षण मात्र के दर्शन में ही, अनंत सुखों जैसा विस्तार। जो भी निकला दर से प्रभु की, चेहरे पर आनंद निखार।।

इसी बीच रेलवे ने भी, रेल चलायी बारंबार। गोण्डा बस्ती जिनको जाना, वो भी पहुँचे प्रभु के द्वार। एस.एस.एफ., पैरामिलिट्री, पी.ए.सी. और जल पुलिस। सभी विभागों और जनता ने मिलकर कर दी नैय्या पार।।

दो मिनट के परदे में ही, रामलला लेते आहार। शयन आरती के भी बाद, दर्शन देने को तैयार।।

आइजी प्रवीण कुमार द्वारा रचित इन कविताओं की देश में खूब सराहना हो रही है।

 

Voice Of News 24 

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