महराजगंज
महराजगंज मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को एक पत्र जारी किया है,पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

महराजगंज मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को एक पत्र जारी किया है, जिसमें होलिका दहन में पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए खास निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि होलिका दहन की पुरानी परंपरा में बड़ी मात्रा में लकड़ी जलाने की प्रक्रिया से पर्यावरण और वृक्षों को नुकसान होता है, जिससे बचने के लिए इस बार लकड़ी के स्थान पर उपलों का प्रयोग किया जाए।
सीडीओ के अनुसार, 882 ग्राम पंचायतों में 1000 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होता है। इस बार खंड विकास अधिकारी, अपने क्षेत्र में स्थित आजीविका समूह की महिलाओं को गोशाला में उपलों का निर्माण करने का कार्य सौंपेंगे। इसके बाद, इन उपलों को होलिका दहन समितियों को बेचने के लिए भेजा जाएगा। इस पहल से न केवल पर्यावरण पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह आय सृजन का एक अच्छा अवसर भी बनेगा।
यह निर्णय जनपद में बेतहाशा बढ़ते लकड़ी के इस्तेमाल को कम करने का एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही, विकास खंडों में अस्थायी गोशालाओं से गोबर की आपूर्ति की जा सकेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकेगी और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।यह पहल न केवल परंपराओं को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण की रक्षा करने का एक प्रयास है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आय के स्रोत बनाने का एक कदम भी है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 12, 2025


















