बलिया
बलिया जनपद के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में फैली गंदगी, लटके बिजली के तार और फाइलों के रखरखाव में भारी लापरवाही देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया।

बलिया जनपद के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में फैली गंदगी, लटके बिजली के तार और फाइलों के रखरखाव में भारी लापरवाही देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त अल्टीमेटम दिया है।
खतौनी के नाम पर अवैध वसूली पर लगेगी रोक निरीक्षण के दौरान खतौनी काउंटर पर अव्यवस्था पाए जाने पर डीएम ने निर्देश दिया कि ₹15 का निर्धारित शुल्क सार्वजनिक रूप से चस्पा किया जाए। उन्होंने डिजिटल भुगतान के लिए बारकोड की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा और चेतावनी दी कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पाए जाने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
लापरवाही पर गिरी गाज: वेतन रोकने और कार्रवाई के निर्देश अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) में फाइलों के अस्त-व्यस्त मिलने और आपदा विभाग के कार्यों में शिथिलता बरतने पर डीएम ने नायब तहसीलदार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा विभाग, रजिस्ट्रार और कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया। विद्युत कक्ष में कबाड़ मिलने पर तहसीलदार अतुल हर्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अधिकारियों को समय सीमा का अल्टीमेटम डीएम ने एसडीएम कार्यालय को तीन दिन के भीतर शिफ्ट करने और निर्वाचन स्टोर की फाइलों को एक माह में व्यवस्थित करने का लक्ष्य दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 20 दिनों के भीतर पूरी तहसील की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों का भी वेतन रोका जाएगा। निरीक्षण के समय एसडीएम सदर तिमराज सिंह सहित अन्य तहसील कर्मी मौजूद रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 12, 2026




















