सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर जनपद इटवा तहसील क्षेत्र से ऐसा ही एक मामला सामने आया। जहां सरकारी सस्ते राशन को खुले बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही थी। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जनपद इटवा तहसील क्षेत्र से ऐसा ही एक मामला सामने आया। जहां सरकारी सस्ते राशन को खुले बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही थी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार देवेन्द्र मणि त्रिपाठी ने राशन दुकान पर छापा मारकर बड़े मामले का खुलासा किया।
सूत्रों के अनुसार, कोटेदार की जगह कोई दूसरा व्यक्ति दुकान चला रहा था, और कई लोग सरकारी अनाज की बोरियों से अनाज निकालकर दूसरे बोरों में भरते हुए रंगे हाथ पकड़े गए।
बताया जा रहा है कि यह अनाज निजी दुकानों में बेचने के इरादे से दूसरे बोरों में भरा जा रहा था। छापे के दौरान, गोदाम में निर्धारित स्टॉक से अधिक मात्रा में सरकारी अनाज भी मिला, जो अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में लेखपाल अजय चौरसिया, पन्ना लाल यादव, अभिषेक यादव और खाद्य रसद विभाग के अखिलेश्वर प्रताप सिंह व राघवेंद्र शाही भी मौजूद रहे। अनियमितता पाए जाने के बाद दुकान को सीज़ कर दिया गया है, और मौके से चार लोगों को पुलिस अपने साथ ले गई है।
कोटे की दुकान सीज, जांच में जुटे सप्लाई इंस्पेक्टर
घटना के बाद सप्लाई इंस्पेक्टर राघवेंद्र शाही ने कोटे की दुकान को तत्काल सील कर दिया। उन्होंने कहा कि यह गरीबों का हक मारने जैसा अपराध है। जांच पूरी कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।
यह पूरा मामला खुनियाँव ब्लॉक क्षेत्र के कनकटी का है, और इस कार्रवाई से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में चल रही धांधली पर लगाम लगने की उम्मीद है।
सिद्धार्थनगर जनपद के बांसी ब्लॉक परिसर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बारिश के कारण मनरेगा सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं से जुड़ी फाइलें भीग गईं, जिससे सरकारी कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है@dmsid1 pic.twitter.com/3kmOXIIim9
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 11, 2025























