ठूठीबारी:शिव मंदिर की जमीन पर कब्जा जमाने का आरोप

महराजगंज

महराजगंज जनपद के ठूठीबारी कोतवाली थाना क्षेत्र के ठूठीबारी नौतनवां मार्ग पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर की 25 डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के ठूठीबारी कोतवाली थाना क्षेत्र के ठूठीबारी नौतनवां मार्ग पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर की 25 डिसमिल भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कब्जा करने वाले लोगों को तीन दिन का समय दिया है, जिसके भीतर उन्हें जमीन से संबंधित वैध कागजात लेकर थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने मिलकर भगवान शिव के नाम पर दर्ज इस महत्वपूर्ण भूमि पर अवैध निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, यह भी आरोप है कि उक्त कब्जेदार इस जमीन को किसी और को बेचने की फिराक में हैं।

जब ग्रामीणों को इस अतिक्रमण की जानकारी हुई, तो उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की। शनिवार दोपहर को पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और कब्जा करने वाले आरोपियों तथा ग्रामीणों के बीच बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया।

हालांकि, रविवार सुबह स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब आरोप है कि कब्जाधारियों ने विवादित भूमि पर जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। टीम ने मौके पर मौजूद कब्जाधारियों से जमीन से जुड़े दस्तावेज दिखाने को कहा, लेकिन उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि जमीन के मालिक घर पर नहीं हैं।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने कब्जाधारियों को तीन दिन की मोहलत दी है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे इस अवधि के भीतर जमीन के मालिकाना हक से संबंधित सभी आवश्यक कागजात लेकर थाने में उपस्थित हों।

इस संबंध में हल्का लेखपाल भारतेन्दु मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि मंदिर की भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों को तीन दिन का समय दिया गया है और उन्हें कागजात के साथ थाने बुलाया गया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि इस दौरान विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और उन्हें उम्मीद है कि मंदिर की पवित्र भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जा सकेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब्जा करने वाले लोग निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे के समर्थन में क्या दस्तावेज पेश करते हैं।

 


Voice Of News 24