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09Apr 2024 11:48 AM
लेहड़ा
महराजगंज जिले में आदिशक्ति पीठ लेहड़ा देवी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं कि जनसैलाब उमड़ा। जिले के फरेंदा तहसील मुख्यालय से आठ किमी दूरी पर स्थित लेहड़ा देवी का मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। मां के दरबार में भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का तांता लगा रहता है।
मां लेहड़ा देवी के दर्शन के लिए, पड़ोसी मुल्क नेपाल से भी भक्त आते हैं। मां के दर्शन के लिए वही गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, समेत कई अन्य जनपदों से भी नवरात्रि में मां लेहड़ा देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु लाखों की संख्या में आते हैं। वैसे तो यहां पूरे वर्ष भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन चैत्र नवरात्रि के पहले दिन लेहड़ा देवी मंदिर में श्रद्धा का जन सैलाब उमड़ा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने अज्ञातवास के समय की थी। धर्मराज युधिष्ठिर ने इसी स्थान पर यक्ष के प्रश्नों का सही उत्तर देकर अपने चारों भाइयों को पुनर्जीवित किया था। बाद में पांचों भाइयों ने यहां पीठ की स्थापना कर पूजा अर्चना प्रारम्भ की। एक अन्य कथा के अनुसार देवी मंदिर के बगल में बहने वाले प्राचीन पवह नाला अपने मूल स्थान से प्रतिदिन पार कर पौहारी बाबा के दर्शन के लिए जाती थीं। एक दिन नाविक की नीयत पाप से ग्रस्त हो गई। नाव जैसे ही धारा में पहुंची, मां ने नाविक को अपने विकराल रूप का दर्शन कराया। मां के कोप से नाविक सहित नाव जल में विलीन हो गई। ऐतिहासिक तथ्यों पर गौर करें तो चीनी यात्री ह्वेन सांग ने भी अपने यात्रा वृत्तांत में इस देवी स्थल का उल्लेख किया है।
माता लेहड़ा मंदिर के दरबार आसानी से पहुंचें
आनंदनगर रेलवे स्टेशन से फरेंदा बृजमनगंज मार्ग पर स्थित इस मंदिर तक जाने के लिए रेल व सड़क मार्ग की सुविधा है। रेल से लेहरा रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है। वहीं आनंदनगर से लगभग आठ किलोमीटर है। सड़क मार्ग से जाने के लिए फरेंदा कस्बे के दीवानी कचहरी स्थित टैक्सी स्टैंड से जीप, आटो व बस की सुविधा उपलब्ध है।
पहले मंदिर में केवल पिडी स्वरूप में ही था। धीरे-धीरे मंदिर की ख्याति जब दूर-दूर तक फैलने लगी स्थानीय लोगों व मंदिर प्रबंधन के सहयोग से इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। इसमें निरंतर विकास की प्रक्रिया जारी है। भक्तों को मां की प्रतिमा व मंदिर का स्वरूप आकर्षित करता है।























