40 गांवों के अभिलेख जलने का मामला,इटवा थाने में 5 सचिवों पर मुकदमा दर्ज ,खुनिंयाव विकास खंड का मामला

 Voice Of News 24

06 Mar 2024 00:03 AM

सिद्धार्थनगर के इटवा के  खुनिंयाव विकास खंड के दर्जनों ग्राम पंचायतों के महत्वपूर्ण अभिलेखों के जलने के प्रकरण को जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर सोमवार को 3 ग्राम पंचायत अधिकारियों व दो ग्राम विकास अधिकारियों पर चोरी और आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर 3 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है साथ ही पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है

क्या था मामला

आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने खुनियांव ब्लॉक के दर्जनों ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की जानकारी जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी थी सूचना नहीं देने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील की आयोग ने सूचना न देने पर उक्त ग्राम पंचायत का कार्य देख रहे ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की
जानकारी के अनुसार इसी बीच इन ग्राम पंचायत से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज संयुक्त कार्यालय में 17 फरवरी को संदिग्ध स्थितियों में आग लगने से जल गए।

जिलाधिकारी ने मामले की जांच जिला विकास अधिकारी गोपाल प्रसाद कुशवाहा एवं जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में 3 ग्राम पंचायत अधिकारी व 3 ग्राम विकास अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया इसके बाद जिला अधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी जायंद्र कुमार ने गुरुवार को संबंधित खंड विकास अधिकारी को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश देते हुए खंड विकास अधिकारी खुनियांव राकेश कुमार शुक्ल व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जगनरायण चौधरी को लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।

निम्नलिखित को किया गया निलंबित।

01-विकास चौधरी (प्रभारी सविअ) व ग्राम पंचायत अधिकारी।
02- यशवंत यादव ग्राम पंचायत अधिकार।
03- अतुल सिंह यादव ग्राम विकास अधिकारी।

उपरोक्त लोगों पर जांच के दौरान आग लग कर महत्वपूर्ण अभिलेख संदिग्ध परिस्थितियों में जलने का आरोप है।
निम्नलिखित के खिलाफ 379,427 व 427 के अन्तर्गत थाना इटवा में दर्ज हुआ प्रथम सूचना रिपोर्ट।
01- विकास चौधरी।
02- अतुल सिंह यादव।
03- हरेन्द्र पान्डेय।
04 – राकेश पाठक।
05- पियूष पान्डेय।
जानकारी के लिए जिला विकास अधिकारी जी पी कुशवाहा को फोन करने पर उन्होंने बताया कि पियूष पान्डेय ग्राम विकास अधिकारी, हरेन्द्र पान्डेय ग्राम विकास अधिकारी व राकेश पाठक ग्राम पंचायत अधिकारी सहित तीन लोगों का अभिलेख नहीं जला था अपितु इनके ऊपर जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत वरिष्ठ अधिकारियों को सम्पूर्ण अभिलेख उपलब्ध न कराने का आरोप है।