बुलंदशहर

बुलंदशहर दीपावली के पावन पर्व को लेकर बुलंदशहर के ग्राम दानपुर में प्रजापति समाज के कारीगर इन दिनों मिट्टी के दीये तैयार करने में रात-दिन जुटे हुए हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर दीपावली के पावन पर्व को लेकर बुलंदशहर के ग्राम दानपुर में प्रजापति समाज के कारीगर इन दिनों मिट्टी के दीये तैयार करने में रात-दिन जुटे हुए हैं। हालांकि, बाजारों में चाइनीज लाइटों और झालरों के बढ़ते चलन ने इस पारंपरिक उद्योग पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है, जिससे स्थानीय कारीगर आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं।
कारीगरों की मेहनत और समय का नहीं मिल रहा उचित मोल
गांव के प्रजापति समाज के हरिश्चंद्र, रामगोपाल, हीराचंद और भगवान दास ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि एक दीया तैयार करने में करीब 5 दिन का समय लगता है, जिसमें 3 दिन सुखाने और 1 दिन पकाने में बीतता है। कारीगर हरिश्चंद्र ने इस वर्ष अकेले लगभग 20,000 दीये बनाए हैं। उन्होंने बताया कि दशक भर पहले जहां ग्राहक खुद घर आकर दीये खरीद ले जाते थे, वहीं अब उन्हें दीये बेचने के लिए गांव-गांव भटकना पड़ रहा है।
चाइनीज लाइटों से पारंपरिक व्यवसाय प्रभावित
कारीगरों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ₹10 के 15 दीये बेचने के बावजूद बिक्री बेहद कम हो रही है। लोग श्रीराम के आगमन पर दीये जलाने की पौराणिक परंपरा को भूलकर चाइनीज झालरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। लागत और कड़ी मेहनत भी न निकलने से प्रजापति समाज के सामने अपनी पैतृक कला को जीवित रखना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
महराजगंज दीपावली पर्व के मद्देनजर जनपद में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अवैध पटाखों के वितरण एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। https://t.co/C5pJBcU0nD
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 4, 2026












