बुलंदशहर

बुलंदशहर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की 2 अक्टूबर की जयंती के पावन अवसर पर दीवानी न्यायालय, बुलंदशहर में बाल सुरक्षा एवं पोक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता से संबंधित एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की 2 अक्टूबर की जयंती के पावन अवसर पर दीवानी न्यायालय, बुलंदशहर में बाल सुरक्षा एवं पोक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता से संबंधित एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। माननीय जनपद न्यायाधीश संजय सिंह के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम को गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के संदेश को बाल सुरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान के रूप में चलाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश संजय सिंह द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों का अनावरण और पुष्पार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करके किया गया। इस दौरान राजीव कुमार-III (पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण), नरेंद्र कुमार पाण्डेय (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), रविन्द्र कुमार शर्मा (अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन) एवं शीशपाल सिंह (अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चित्रकला प्रतियोगिता और रंगोली के माध्यम से संदेश
माननीय जनपद न्यायाधीश की विशेष पहल पर जनपद के लगभग 400 विद्यालयों में पोक्सो अधिनियम, बाल अधिकार, बाल सुरक्षा तथा ‘गुड टच-बैड टच’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित कराई गई थी। जनपद की 7 तहसीलों से कुल 21 उत्कृष्ट पेंटिंग्स जिला स्तर के लिए चयनित की गईं, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन प्रतिभागियों (1. सुहानी, 2. तनु, 3. तनाशा) को विशेष पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जबकि शेष 18 प्रतिभागियों को भी उनके सराहनीय प्रयास के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित व प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा, न्यायालय परिसर में छात्र-छात्राओं द्वारा गांधी जयंती और पोक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता दर्शाती सुंदर रंगोली बनाई गई तथा चयनित उत्कृष्ट पेंटिंग्स की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
नुक्कड़ नाटक और प्रभात फेरी ने खींचा ध्यान
समारोह के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा पोक्सो अधिनियम और बाल सुरक्षा पर आधारित एक अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या शोषण को छिपाना नहीं चाहिए और न ही उस पर चुप रहना चाहिए, बल्कि तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने गांधी जी के आदर्शों और नैतिक मूल्यों पर अपने विचार भी साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में जनपद के लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं ने न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर एक विशाल प्रभात फेरी निकाली। यह प्रभात फेरी जनपद न्यायालय परिसर से प्रारंभ होकर काला आम चौराहे, जिलाधिकारी कार्यालय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय होते हुए वापस न्यायालय परिसर में संपन्न हुई। इस प्रभात फेरी के माध्यम से बाल सुरक्षा, पोक्सो अधिनियम और बच्चों के अधिकारों का प्रभावशाली संदेश आम जनमानस तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारीगण, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
गांधी-शास्त्री जयंती पर कांग्रेसियों ने लिया आदर्शों पर चलने का संकल्पhttps://t.co/1KkIpNKi72
— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 2, 2026












