मैनपुरी
जनपद मैनपुरी में पिछले लंबे समय से अपनी ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने में जुटे स्वच्छता ग्राहियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जनपद मैनपुरी में पिछले लंबे समय से अपनी ग्राम पंचायतों को स्वच्छ बनाने में जुटे स्वच्छता ग्राहियों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। आरआरसी सेंटर के संचालन, रखरखाव और उचित तैनाती की मांग को लेकर भारी संख्या में स्वच्छता ग्राहियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला अध्यक्ष अनुज कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत मांग पत्र जिलाधिकारी मैनपुरी को सौंपा गया, जिसमें अधिकारियों पर लापरवाही और उत्पीड़न करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी कार्य से वंचित, उत्पीड़न का आरोप
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में स्वच्छता ग्राहियों ने प्रशासनिक विसंगतियों को उजागर करते हुए बताया कि खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2025 को ही उनकी विधिवत नियुक्ति की जा चुकी है। इसके पूर्व, दिनांक 24 जुलाई 2025 को जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया था।
स्वच्छता ग्राहियों का आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण कई गांवों में आरआरसी सेंटर आज भी निर्माणाधीन पड़े हैं और जो बन चुके हैं, उनका संचालन शुरू नहीं किया जा रहा है। इसके चलते स्वच्छता ग्राहियों को कार्यभार नहीं मिल पा रहा है और उनका मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है।
साल 2017 से दे रहे सेवाएं; न्यूनतम वेतन की गारंटी पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने अपनी व्यथा बयां करते हुए कहा कि वे सभी स्वच्छता ग्राही भाई-बहन विगत वर्ष 2017 से पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को सफल बना रहे हैं। वर्तमान में भी वे कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें सही समय पर न तो कार्य मिल रहा है और न ही मानदेय का भुगतान किया जा रहा है, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
स्वच्छता ग्राहियों ने सरकार की नीतियों की याद दिलाते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने 2 अक्टूबर 2025 को स्वच्छता दिवस के अवसर पर नैमिषारण्य में सार्वजनिक मंच से घोषणा की थी कि हमारी सरकार स्वच्छता ग्राहियों को न्यूनतम वेतन की गारंटी देगी, ताकि उनका भरण-पोषण सही ढंग से हो सके। लेकिन जमीनी स्तर पर बैठे अधिकारी मुख्यमंत्री जी के वादों और निर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री जी की कही बातें महज कागजी हैं?”
उचित कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
स्वच्छता ग्राहियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनके भविष्य और हितों को ध्यान में रखते हुए आरआरसी सेंटरों को तत्काल क्रियाशील कराया जाए, उन्हें सही समय पर नियमित कार्य दिया जाए और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष अनुज कुमार के साथ राहुल सिंह, पांचाली सिंह, सूर्य प्रभा, शशि प्रभा, नीलम, मार्ग श्री, पूजा कुमारी, ऋषभ कुमार, शोभा, गुरदीप, मालती, राधा चौहान, प्रदीप कुमार, सुदेश कुमार राजपूत, अनिल कुमार, मनीष कुमार सहित भारी संख्या में जनपद के स्वच्छता ग्राही उपस्थित रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 21, 2026





















