सिद्धार्थनगर: महिला थाने की पहल से सात परिवारों में लौटी खुशियाँ; काउंसलिंग के बाद साथ रहने को राजी हुए दंपती

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के पारिवारिक विवादों के कारण टूटने की कगार पर खड़े सात परिवारों को सिद्धार्थनगर महिला थाने ने ‘काउंसलिंग’ के जरिए नई जिंदगी दी है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के पारिवारिक विवादों के कारण टूटने की कगार पर खड़े सात परिवारों को सिद्धार्थनगर महिला थाने ने ‘काउंसलिंग’ के जरिए नई जिंदगी दी है। रविवार, 1 मार्च 2026 को थाना परिसर में आयोजित विशेष काउंसलिंग सत्र के दौरान पुलिस टीम ने आपसी मनमुटाव और तनाव से जूझ रहे सात दंपतियों के बीच समझौता कराया, जिसके बाद वे फिर से एक साथ रहने को तैयार हो गए।

इन परिवारों में हुआ सुलह

काउंसलिंग के माध्यम से जिन जोड़ों के विवाद सुलझाए गए, उनमें मुख्य रूप से मिश्रौलिया की सकीना, शिवनगर की खुशबू, शोहरतगढ़ की मदीना, बस्ती की राजकुमारी, मोहाना की अंजनी, खेसरहा की किरण और उसका बाजार की हसीना के परिवार शामिल हैं। इन सभी मामलों में घरेलू विवाद और संवाद की कमी मुख्य कारण थी, जिसे पुलिस टीम ने बेहद कुशलता से सुलझाया।

रिश्तों की अहमियत समझाकर कराया गया समझौता

प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के नेतृत्व में चली इस प्रक्रिया में उपनिरीक्षक रामनारायण शुक्ला और महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने पति-पत्नी को बच्चों के भविष्य और वैवाहिक जीवन के महत्व के बारे में समझाया। लंबी बातचीत के बाद सभी सातों जोड़ों ने अपने पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे पर भरोसा जताया और हंसी-खुशी थाने से विदा हुए।

टीम की सक्रियता से मिली सफलता

इस महत्वपूर्ण सफलता में महिला हेड कांस्टेबल आशा गौड़, रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, संगीता गौतम, प्रगति राय और शिवानी सिंह ने अहम भूमिका निभाई। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने पुलिस की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की है, जिससे समाज में टूटते परिवारों को बचाने का एक सकारात्मक संदेश गया है।

 

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