परोई रामलीला: लक्ष्मण ने काटा सूर्पणखा का नाक-कान, जीवंत मंचन देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के विकास खंड के परोई गांव में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के सातवें दिन रामायण के मार्मिक प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के विकास खंड के परोई गांव में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के सातवें दिन रामायण के मार्मिक प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत माता काली की भव्य झांकी से हुई, जिसके बाद ‘सूर्पणखा नासिका छेदन’ के प्रसंग का सजीव मंचन किया गया।

काली की झांकी ने बांधा समां

मेले के सातवें दिन आकर्षक सजावट और भक्तिमय संगीत के बीच माता काली की दिव्य झांकी निकाली गई। जैसे ही मंच पर माता काली का स्वरूप प्रकट हुआ, पूरा पंडाल ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा। इस झांकी ने उपस्थित जनसमूह में भारी उत्साह भर दिया।

पंचवटी में मर्यादा और वीरता का प्रदर्शन

झांकी के उपरांत कलाकारों ने सूर्पणखा प्रसंग का प्रभावशाली अभिनय किया। पंचवटी में विराजमान भगवान राम के सम्मुख जब सूर्पणखा विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुँचती है, तो राम द्वारा मर्यादित उत्तर मिलने पर वह क्रोधित हो उठती है। प्रसंग के चरम पर, जब वह माता सीता को हानि पहुँचाने का प्रयास करती है, तब लक्ष्मण ने उसके नाक और कान काट दिए। कलाकारों की संवाद अदायगी और पारंपरिक वेशभूषा ने दर्शकों का दिल जीत लिया।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, परोई की रामलीला क्षेत्र में सांस्कृतिक एकता का बड़ा केंद्र बन चुकी है। मंचन के दौरान सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए आयोजन समिति पूरी तरह सतर्क रही।

 

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