आपदा मित्रों के श्रम की लूट बंद करे सरकार, नियुक्ति और वेतन की मांग को लेकर लखनऊ में हुंकार

लखनऊ

लखनऊ नेशनल आपदा मित्र एसोसिएशन का तृतीय स्थापना दिवस समारोह गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केंद्र, रूमी दरवाजा (चौक) में भव्य रूप से संपन्न हुआ। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

लखनऊ नेशनल आपदा मित्र एसोसिएशन का तृतीय स्थापना दिवस समारोह गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केंद्र, रूमी दरवाजा (चौक) में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश भर से जुटे आपदा मित्रों और सखियों ने अपनी उपेक्षा के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सरकार से स्थायी नियुक्ति और सामाजिक सुरक्षा की मांग की।

ट्रेनिंग के बाद भी भविष्य अधर में: राष्ट्रीय अध्यक्ष समारोह को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि भारत सरकार ने देश भर में 1.20 लाख और उत्तर प्रदेश में लगभग 15,000 युवाओं को सैन्य अनुशासन में आपदा मित्र की ट्रेनिंग दी। यूपी में प्रत्येक आपदा मित्र पर शासन ने ₹29,500 खर्च किए, लेकिन ट्रेनिंग के बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आपदा मित्रों के श्रम की लूट बंद होनी चाहिए। सरकार पहले नियुक्ति दे और वेतन निर्धारित करे, उसके बाद ही कार्य ले।”

प्रमुख मांगें और प्रस्ताव: बैठक में विभिन्न पदाधिकारियों ने आपदा मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं

स्थायी नियुक्ति और वेतन: प्रदेश अध्यक्ष रामबचन राजभर ने ट्रेनिंग समेत सभी कार्य दिवसों के तत्काल भुगतान और नियमित नियुक्ति की मांग की।

सड़क सुरक्षा से जुड़ाव प्रदेश उपाध्यक्ष विवेकमणि त्रिपाठी ने सुझाव दिया कि आपदा मित्रों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक सेवा से जोड़कर उनकी सेवाओं का सदुपयोग किया जाए।

बीमा और सामाजिक सुरक्षा प्रदेश महामंत्री अरविंद यादव ने ₹5 लाख के स्वास्थ्य बीमा को लागू करने और ₹20 लाख की जीवन गारंटी देने की मांग उठाई।

सरकारी कर्मचारी का दर्जा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि आपदा मित्रों को ‘सरकारी आपदा कर्मचारी’ घोषित कर उन्हें ईएसआई, पीएफ और रिटायरमेंट जैसी सुविधाएं दी जाएं।

पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन प्रशिक्षित युवाओं के भविष्य पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो संगठन आगे की रणनीति तैयार करेगा।

 

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