आजमगढ़
आजमगढ़ जनपद जेल के सुपरिंटेंडेंट (जेल अधीक्षक) आदित्य कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शिथिल पर्यवेक्षण और वित्तीय अनियमितताओं के चलते अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन न कर पाने का आरोप है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

आजमगढ़ जनपद जेल के सुपरिंटेंडेंट (जेल अधीक्षक) आदित्य कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर शिथिल पर्यवेक्षण और वित्तीय अनियमितताओं के चलते अपने कर्तव्यों का ठीक से निर्वहन न कर पाने का आरोप है। निलंबन की पुष्टि अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेंद्र सिंह ने की है।
यह कार्रवाई जेल के सरकारी खाते से हुए ₹52.85 लाख के गबन के मामले में की गई है। यह खाता जेल अधीक्षक आदित्य कुमार सिंह के नाम से संचालित होता था, जिसका उपयोग कैदियों के भुगतान और सरकारी लेनदेन के लिए किया जाता था।
डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने 11 अक्टूबर को मामले की गहन जांच की और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसके आधार पर यह निलंबन किया गया है।
धोखाधड़ी में कैदी और जेलकर्मी शामिल
इस धोखाधड़ी के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनमें जेल से छूटे दो पूर्व कैदी— रामजीत यादव और शिवशंकर यादव उर्फ गोरख— शामिल हैं। साथ ही, जेल के वरिष्ठ लेखाधिकारी मुशीर अहमद और चौकीदार अवधेश कुमार पांडेय को भी गिरफ्तार किया गया है।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी रामजीत यादव को लेखा कार्यालय में वरिष्ठ सहायक मुशीर अहमद के लेखक के रूप में लगाया गया था। रामजीत और शिवशंकर ने मुशीर अहमद और चौकीदार अवधेश कुमार पांडेय के सहयोग से जेल अधीक्षक के सरकारी खाते की चेकबुक निकाली और उन पर फर्जी हस्ताक्षर करके ₹52.85 लाख निकाले।
गबन के पैसों से हुई बहन की शादी और खरीदी बुलेट
मुख्य आरोपी रामजीत यादव ने गबन किए गए पैसों का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत उपयोग में लाया। उसने 20 जनवरी 2025 को अपनी बहन की शादी में ₹25 लाख से अधिक खर्च किए और ₹3.75 लाख की एक नई बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी। उसने उधार चुकाने और अन्य कामों में लगभग ₹10 लाख खर्च किए। उसके खाते में बचे ₹23,000 को पुलिस ने होल्ड कर दिया है।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 14, 2025























