बलरामपुर: समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन कानून व्यवस्था और दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद के समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता शनिवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोशित हो उठे।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

 

बलरामपुर जनपद के समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता शनिवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोशित हो उठे। उन्होंने कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं को परेशान करने और दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचितों के शोषण का आरोप लगाया।

श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज पूरी तरह से समाप्त हो गया है। प्रदेश की भाजपा सरकार के शासन में जंगलराज और गुंडाराज कायम हो गया है। उन्होंने सरकार पर द्वेषपूर्ण ढंग से कार्य करने और विपक्ष के नेताओं का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।

गैसड़ी विधायक राकेश यादव ने कहा कि सड़कों पर खुलेआम तलवारें और असलहे लहराए जा रहे हैं, और लोगों को गोली मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसी अराजकता देखने को मिल रही है।

सपा नेता डॉ. भानु तिवारी ने भाजपा सरकार पर अपनी विफलताओं को छिपाने और जनता का श्रेय लेने के लिए विपक्ष के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के खिलाफ राजनीतिक द्वेष की भावना से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सपा कार्यकर्ताओं ने ईडी द्वारा विनय शंकर तिवारी पर की गई कार्रवाई की भी निंदा की। उन्होंने निजी स्कूलों के संचालकों द्वारा अभिभावकों के शोषण का भी आरोप लगाया।

इस प्रदर्शन में प्रदेश सचिव ओंकारनाथ पटेल, पूर्व विधायक जगराम पासवान, राम सागर अकेला, संजय यादव, इकबाल जावेद फ्लावर, गनेश प्रसाद यादव, कृष्ण कुमार गिहार, अद्दा महाराज, राम दयाल यादव, शफीउल्लाह खान, महफूज खान, विनय वर्मा, शिवानंद मिश्र सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता शामिल थे।

 

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