महराजगंज

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महराजगंज पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महराजगंज पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नौवाबारी के पास चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक लग्जरी स्कॉर्पियो से 1 क्विंटल 22 किलो 975 ग्राम (लगभग 123 किलो) अवैध गांजा बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके से एक महिला सहित दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
घेराबंदी कर पकड़ी गई खेप, कुशीनगर के तस्कर गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में ठूठीबारी कोतवाली पुलिस, एटीएस सिद्धार्थनगर और एटीएस गोरखपुर की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर नौवाबारी के समीप संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान नेपाल सीमा की ओर से आ रही एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर जब तलाशी ली गई, तो उसके भीतर गुप्त रूप से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके से वाहन सवार दो तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान नैमुन निशा उर्फ जहांतारा और राजेंद्र गौड़ उर्फ रविंद्र (दोनों निवासी जनपद कुशीनगर) के रूप में हुई है।
नेपाल से बिहार में खपाने की थी तैयारी
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजे की यह बड़ी खेप नेपाल से तस्करी कर भारत लाई गई थी। तस्कर इसे कुशीनगर के रास्ते बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर खपाने की फिराक में थे। पुलिस दोनों अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शक से बचने के लिए महिला को बनाते थे ढाल, गाड़ी पर लगाते थे झंडे
तस्करों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की नजरों से बचने के लिए आरोपी एक महिला को साथ रखते थे, ताकि प्रथम दृष्टया वाहन किसी पारिवारिक यात्रा का प्रतीत हो। इसके अलावा, पहचान छिपाने और टोल व बैरियरों पर रौब जमाने के लिए स्कॉर्पियो पर अलग-अलग स्टीकर, बैनर और झंडे लगाए गए थे।
शातिर तस्कर है आरोपी राजेंद्र, पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र गौड़ पेशेवर तस्कर है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 और 2023 में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज, नेपाल के मुख्य सप्लायरों और बिहार में माल मंगाने वाले खरीदारों की कुंडली खंगाल रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी शिकंजा कसा जा सके।
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