बलरामपुर: ₹58 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़, 5 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद की पुलिस और साइबर सेल को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर हॉटस्पॉट विरोधी अभियान के तहत एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद की पुलिस और साइबर सेल को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर हॉटस्पॉट विरोधी अभियान के तहत एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। जिसने देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी का जाल फैला रखा था। पुलिस ने इस गिरोह के 05 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए हैं।मिठाई के डिब्बों में छिपाकर भेजे जाते थे एटीएम और सिम कार्डजांच में अपराधियों के काम करने का बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है।

यह गिरोह भोली-भाली जनता को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड ₹15,000 से ₹20,000 के किराये पर लेता था। खातों का प्रबंधन करने वाले एजेंटों को ₹5,000 कमीशन दिया जाता था। इन खातों और सिम कार्डों को गुप्त रूप से मिठाई के डिब्बों में छिपाकर कूरियर के जरिए मुख्य संचालकों तक पहुँचाया जाता था ताकि किसी को शक न हो।

₹58 करोड़ की ठगी और ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबारगिरोह के सदस्य इन किराये के खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टे और साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए करते थे।

अभी तक की जांच में 17 बैंक खाते सामने आए हैं। इन खातों पर पूरे भारत में कुल 14 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं जिनमें कुल ठगी की राशि लगभग ₹58 करोड़ अंकित है।पुलिस को मिले 08 खातों के विवरण के अनुसार, अब तक $5,06,07,956.09$ (पाँच करोड़ छह लाख सात हजार नौ सौ छप्पन रुपये) का ट्रांजैक्शन पाया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों

पुलिस ने मो. अकरम खान को सुआव नाला के पास से और अन्य चार को श्याम विहार कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। मो. अकरम खान (निवासी: पुरैनिया तालाब, बलरामपुर)बच्चा लाल उर्फ प्रशांत उर्फ गोलू (निवासी: गदुरहवा, बलरामपुर)आशिफ (निवासी: गदुरहवा) – इसका पुराना आपराधिक इतिहास (दुष्कर्म मामला, गोरखपुर) भी है।प्रतीक मिश्रा (निवासी: भगवतीगंज, बलरामपुर)सुजीत सिंह (निवासी: बेनीनगर, गौरा चौराहा)पुलिस टीम की सराहनाअपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में साइबर थाना प्रभारी आर.पी. यादव की टीम ने इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय रवाना किया गया है।

 

 

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