क्या साहब सिर्फ तहसील दिवस में ही फरियाद सुनी जाती है? गर्भवती पीड़ित महिला का नही होता समाधान, कागजो में हीरो बन जाते हैं अफसर!

दर्द से कराहती गर्भवती महिला,मौजूद लोग बने फरिश्ता

Voice Of News 24

06 Nov 2023 23:48PM

सिद्धार्थनगर

Siddharthnagar :आज का ये ऐसा दौर है न साहब!की सरकारी अफसर सिर्फ़ खानापूर्ति के लिए सरकार की योजनाओं और आदेशों पर काम करते हैं।अगर एक कोरे कागज पर आप अपनी समस्या लेकर जाएं तो साहब आपकी बात सुनेंगे और समाधान का आस्वाशन देकर घर भेज देंगे। इंसानियत को शर्मसार करने वाला और सरकारी अफसरों की अनदेखी का एक कारनामा सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे।
सिद्धार्थनगर जिले के सदर तहसील में एक कराहती गर्भवती महिला को कोई पूछने वाला नही था।नौगढ़ तहसील परिसर में कई घंटे से दर्द से तड़प रही थी महिला के ऊपर किसी भी बड़े अधिकारी की नजर तक नही घूमी।

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नेपाल के बहादुरगंज की रहने वाली है गर्भवती महिला उसका थाना क्षेत्र के परती बाजार में संजय गुप्ता पुत्र दादू से ब्याह कर लाई गई थी।
महिला का आरोप है कि आए दिन उसके ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते हैं और आज भी पिटाई कर उसको घर से निकाल दिया है।महिला किसी तरह उसका से पैदल चल के तहसील परिसर में पहुंची थी लेकिन वहाँ कार्यरत किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की नजर नही पड़ी।कुछ देर बाद मौजूद लोगों से महिला की पीड़ा देखी नही गई और उसे मदद करके जिला अस्पताल पहुँचाया गया।अफसरों की अनदेखी से यह साबित होता है कि सिर्फ तहसील पर समाधान दिवस कागजो पर लिखने से ही होता है, जमीनी हकीकत बिल्कुल जीरो रहती है।