Voice Of News 24
31Oct 2023 00:43AM
सिद्धार्थनगर जिला विकास अधिकारी के आवास परिसर के गेट के सामने एक पिज्जा डिलेवरी वाले लड़के की वहाँ कार्यरत पुलिसकर्मियों ने विवाद करके पिटाई की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब उड़ान भर रहा है…
सिद्धार्थनगर
उत्तर-प्रदेश की पुलिसिया कारनामा हर वक्त चर्चा में बना रहता है।चाहे किसी की भलाई और नेकी को लेकर हो या फिर गरीब-मजनुमो से घूसखोरी और उन पर वर्दी का धौस दिखाने को लेकर हर वक्त ये कारनामे सुर्खियों में छाये रहते हैं।ताजा मामला सामने आया है सिद्दार्थनगर जिला विकास अधिकारी आवास के परिसर के पास एक पिज्जा डिलेवरी वाला लड़का जो अपना और परिवार की रोजी-रोटी के लिए बेरोजगारी से जंग लड़ रहा है।उसने इतनी सी खता कर दी कि अधिकारी के आवास के सामने वाली सड़क पर अपनी बाइक क्या खड़ा कर और उसमें हेलमेट टांगकर डिलेवरी देने चला गया।वापस आते वक्त उसने हेलमेट को कूड़े में फेंका हुआ पाया तो उठाने लगा।अचानक आवास पर तैनात सफेदपोश कर्मचारी और होमगार्ड के जवान ने उसपर बिना कुछ पूछे हमला बोल दिया।इतना ही नही उसे अंदर घसीट कर ले गए और उसकी अंदर डंडे से भी जमकर पिटाई की।ऐसा युवक ने आरोप लगाते हुए बताया है।

जिले के बड़े अफसर से जुड़ा था मामला,मामूली युवक को थाने पर भी बंद मिला न्याय का कपाट
नगर के सिविल लाइन तेतरी बाजार निवासी प्रभात परिवार की रोजी और अपना जीविकोपार्जन के लिए पिज्जा डिलेवरी का काम करता है।26 अक्टूबर को CDO आवास की चारदीवारी के बाहर अपनी बाइक खड़ी कर डिलेवरी करने गया था।राम जाने कौन सी खटास पैदा हुई वहाँ के कर्मचारियों को की युवक को घसीट कर पीटने लगे।युवक ने बताया कि वह घटना के बाद अपनी फरियाद लेकर थाने की दहलीज पर गया,लेकिन जिले के बड़े अफसर के आवास से घटनाक्रम का तार जुड़ा हुआ था शायद इसीलिए इस मामूली से डिलेवरी वाले कि बात नही सुनी गई तो युवक न्याय की आस में पुलिस अधीक्षक के पास चला गया।मामले का वीडियो एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है जो जमकर वायरल हो रहा है।

खाकी और बड़े दरबार से जुड़ा था मसले का ताल्लुक,रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय सुलह का दबाव
युवक ने बताया कि उसके साथ घटित घटना की फरियाद लेकर जब वह नजदीकी थाने पर पंहुचा तो पहले उसे शिकयती पत्र किसी अधिवक्ता से लिखवाकर लाने का हवाला देकर पिंड छुड़ा लिया गया।फिर अगले दिन जब वह फिर थाने की चौखट पर गया तो उस पर सुलह का दबाव बनाया गया।पीड़ित न्याय की आस लिए SP के कार्यालय पहुँचा तो वहाँ उनकी गैरमौजूदगी में शिकायती पत्र डेस्क पर अपने न्याय की उम्मीद कानून के रखवालो के भरोसे छोड़ कर चला आया और कार्यवाही की गुहार लगाई है।वैसे CDO साहब से लेकर थाने और CO तक कि कान में इस घटना की गूंज सुनाई पड़ चुकी है।अब तो बेचारे के साथ या फिर सफेद और खाकी वाले कर्मचारियों के साथ क्या होगा ये तो ऊपर वाला ही जाने?























