कुशीनगर

कुशीनगर जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 (NH-28) पर नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं डग्गामार व ओवरलोड निजी बसें अब यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

कुशीनगर जनपद में राष्ट्रीय राजमार्ग-28 (NH-28) पर नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहीं डग्गामार व ओवरलोड निजी बसें अब यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। जनपद के कसया थाना क्षेत्र अंतर्गत लबनिया चौराहे के पास दिल्ली से बिहार जा रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर यात्री बस अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई। इस भीषण सड़क हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों से खचाखच भरी निजी बस दिल्ली से बिहार की ओर जा रही थी। जैसे ही बस लबनिया चौराहे के पास पहुंची, आगे चल रहे ट्रक को ओवरटेक करने की होड़ में चालक ने अपना संतुलन खो दिया और बस सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहगीरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सवालों के घेरे में आरटीओ और परिवहन विभाग की भूमिका
इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर जनपद में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्षमता से दोगुनी सवारियां: दिल्ली-बिहार रूट पर चलने वाली अधिकांश निजी बसें परमिट नियमों का खुला उल्लंघन करते हुए क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को भूसे की तरह भरती हैं और छतों पर भारी सामान लादती हैं।
निगरानी का अभाव: क्या कुशीनगर एआरटीओ और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित है? हाईवे पर खुलेआम दौड़ रहीं इन डग्गामार और ओवरलोड बसों पर नियमित चेकिंग और कठोर जब्ती की कार्रवाई क्यों नहीं होती?
जिम्मेदारी किसकी? मुनाफा कमाने के चक्कर में बस संचालक और ट्रेवल्स एजेंसियां सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करती हैं, लेकिन इसकी भारी कीमत मासूम यात्रियों को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि अगर परिवहन विभाग हाईवे पर अवैध व ओवरलोड यात्री वाहनों के खिलाफ समय रहते ठोस और सख्त अभियान नहीं चलाता, तो आए दिन ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 7, 2026
















