बलरामपुर: मॉडिफाइड साइलेंसर और ‘बुलेट की पटाखेबाजी’ पर सख्त एक्शन, ₹10,000 तक का लगेगा जुर्माना

बलरामपुर

बलरामपुर जनपद मे शहर की सड़कों पर तेज आवाज और पटाखों जैसा शोर मचाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद मे शहर की सड़कों पर तेज आवाज और पटाखों जैसा शोर मचाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त के निर्देश पर परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर घूमने वाले युवकों में हड़कंप मचा हुआ है।

प्रमुख चौराहों और पेट्रोल पंपों पर नाकाबंदी

अभियान के तहत एआरटीओ बृजेश और यातायात प्रभारी निरीक्षक उमेष सिंह के नेतृत्व में टीम ने वीर विनय चौराहे सहित शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों और पेट्रोल पंपों पर सघन चेकिंग की। रात के समय भी विशेष टीमें सक्रिय रहीं, जिन्होंने तेज आवाज वाले दोपहिया वाहनों को रोककर उनके साइलेंसर की जांच की।

नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर मोटर यान अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।अवैध या मॉडिफाइड साइलेंसर पाए जाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।ऑन-स्पॉट कार्रवाई: मौके पर ही कई वाहनों के चालान काटकर उन्हें चेतावनी दी गई।

दुकानों और वर्कशॉप्स पर भी छापेमारी

यह अभियान केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, प्रशासन अब उन ऑटो पार्ट्स की दुकानों और वर्कशॉप्स पर भी शिकंजा कस रहा है जहाँ ये अवैध साइलेंसर बेचे या लगाए जाते हैं। टीम ने कई दुकानों पर छापेमारी कर दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि मॉडिफाइड पार्ट्स का विक्रय न करें।

प्रशासन की चेतावनी महंगा पड़ेगा पटाखे छोड़ना

एआरटीओ बृजेश ने कहा कि बुलेट और अन्य भारी बाइक से पटाखों जैसी आवाज निकालना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों के लिए भी बेहद कष्टदायक है। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग अब जेब पर भारी पड़ेगा और किसी भी हाल में छूट नहीं दी जाएगी।

 

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