सिद्धार्थनगर: इटवा तहसील में एंटी करप्शन टीम का छापा, 5000 की रिश्वत लेते लेखपाल रंगेहाथ गिरफ्तार

इटवा

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा तहसील परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा तहसील परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब बस्ती से आई एंटी करप्शन टीम ने एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। यह कार्रवाई जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत पर की गई है।

5000 रुपये के लिए अटकाया था काम

जानकारी के अनुसार इटवा तहसील क्षेत्र के फरेंदा निवासी वसीउल्लाह ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि लेखपाल अरविंद जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में 5000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। टीम ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पूरी गोपनीयता के साथ जाल बिछाया।

कमरा बंद कर ले रहा था पैसे, टीम ने दबोचा

गुरुवार को योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता को लेखपाल के पास भेजा गया। बताया जा रहा है कि लेखपाल अरविंद अपना कमरा अंदर से बंद कर रिश्वत की रकम ले रहा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे दिए, पहले से तैयार एंटी करप्शन टीम ने मौके पर धावा बोल दिया और उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम आरोपी को तुरंत अपने साथ जोगिया उदयपुर कोतवाली ले गई।

तहसील में हंगामा, टीम के पास पुख्ता साक्ष्य

लेखपाल की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही तहसील के कई कर्मचारी कोतवाली पहुंच गए और आरोपी को निर्दोष बताते हुए हंगामा करने लगे। हालांकि, एंटी करप्शन टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि उनके पास रिश्वत लेने की वीडियो रिकॉर्डिंग और ठोस साक्ष्य मौजूद हैं।

विधिक कार्रवाई जारी

थानाध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी लेखपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। देर शाम तक इस घटना को लेकर तहसील परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

 

Voice Of News 24