नई दिल्ली

भारत निर्वाचन आयोग के भीतर अंदरूनी कलह और प्रशासनिक मतभेदों का एक बड़ा मामला सामने आया है। ‘सूचना का अधिकार’ कानून के तहत मिले दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने गत 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

भारत निर्वाचन आयोग के भीतर अंदरूनी कलह और प्रशासनिक मतभेदों का एक बड़ा मामला सामने आया है। ‘सूचना का अधिकार’ कानून के तहत मिले दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने गत 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इन पत्रों में उन्होंने आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
कैबिनेट सचिव को भेजे गए ये पत्र वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग द्वारा जारी किए गए उस आदेश से जुड़े हैं, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के बीच कामकाज के बंटवारे में फेरबदल किया गया था। दोनों चुनाव आयुक्तों का मुख्य आरोप है कि ये बदलाव आयोग या अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बिना किसी पूर्व चर्चा या सहमति के किए गए थे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आयोग के भीतर लगातार मतभेद गहराते जा रहे हैं। इससे पहले ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी कि दोनों चुनाव आयुक्त पिछले 10 महीनों के दौरान 14 बार आधिकारिक रूप से आपत्ति जता चुके हैं। ये आपत्तियां नए मतदाताओं को जोड़ने, मतदाता सूची से नाम हटाने और डेटाबेस की विश्वसनीयता जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों से जुड़ी थीं, जिस पर उन्होंने अपनी गहरी चिंताएं कैबिनेट सचिव के सामने भी रखी थीं।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 23, 2026













