Voice Of News 24: गुड माॅर्निंग डे स्पेशल – आज 15 अगस्त का दिन क्यों है खास

आईए जाने कि आज 15 अगस्त का दिन क्यों है खास? इस दिन क्या कुछ घटित हुई घटनाएं एवं क्या कुछ हुआ था,नया? पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

15 अगस्त की महत्वपूर्ण घटनाएँ

 

1772 – ईस्ट इंडिया कंपनी ने जिलों में अलग दीवानी और फौजदारी अदालतों के गठन का निर्णय लिया।

 

1854 – ईस्ट इंडिया रेलवे ने कलकत्ता से हुगली के बीच 37 किलोमीटर की दूरी में पहली यात्री ट्रेन चलायी।

हालांकि इसका आधिकारिक तौर पर उद्घाटन 1885 में किया गया।

 

1907 – इंडियन बैंक – स्वदेशी आंदोलन के अंश के रूप में 15 अगस्त को इसकी स्थापना हुई।

 

1947 – स्वतंत्रता दिवस – भारत को अंग्रेज़ों से स्वतंत्रता प्राप्त हुई।

 

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

 

 

15 अगस्त को जन्मे व्यक्ति

 

1992 – गुरुराजा पुजारी – जिन्हें पी. गुरुराजा के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय भारोत्तोलक (वेटलिफ़्टर) हैं।

 

1942 – गोपाल चतुर्वेदी – भारत के महत्त्वपूर्ण व्यंग्य-हस्ताक्षर हैं।

 

1872 – अरबिंदो घोष- भारतीय लेखक और दार्शनिक।

 

1918 – हंस कुमार तिवारी – प्रसिद्ध साहित्यकार, पत्रकार तथा सम्पादक।

 

1912 – उस्ताद अमीर ख़ाँ- भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक।

 

1922 – कुशाभाऊ ठाकरे – 1998 से 2000 तक भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

 

15 अगस्त को हुए निधन

 

2023 – बिन्देश्वर पाठक – भारतीय समाजशास्त्री और सामाजिक उद्यमी और ‘सुलभ इंटरनेशनल’ के संस्थापक थे।

 

2018 – अजित वाडेकर – भारत के प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी थे।

 

2004 – अमरसिंह चौधरी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे। वह गुजरात के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।

 

1994 – कैलास सांखला – प्रसिद्ध भारतीय प्रकृतिवादी और संरक्षणवादी थे।

 

1949 – कोंडा वेंकटप्पय्या – आंध्र प्रदेश के समाज सुधारक और अधिवक्ता थे।

 

स्वतंत्रता दिवस

 

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार 15 अगस्त 1947 को लाल क़िले पर तिरंगा झण्डा फहराया। उसी दिन से हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ का प्रारम्भ महर्षि दयानन्द सरस्वती ने प्रारम्भ किया और अपने प्राणों को भारत माता पर मंगल पांडे ने न्यौछावर किया और देखते ही देखते यह चिंगारी एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, नाना साहेब, ‘सरफ़रोशी की तमन्ना’ लिए रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि देश के लिए शहीद हो गए।

 

 

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