नई दिल्ली

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने शिशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। नए प्रस्ताव के तहत, छह महीने तक के शिशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले पोषण उत्पादों में ऐडेड शुगर, सुक्रोज और फ्रुक्टोज के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने शिशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। नए प्रस्ताव के तहत, छह महीने तक के शिशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले पोषण उत्पादों में ऐडेड शुगर, सुक्रोज और फ्रुक्टोज के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पोषण मानकों को मजबूत करना और शिशुओं को शुरुआती उम्र में ही अतिरिक्त शर्करा के संपर्क में आने से बचाना है।
यह कदम ‘खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) संशोधन विनियम, 2026’ के मसौदे का हिस्सा है, जिसे 16 अक्टूबर को भारत के राजपत्र (गजट ऑफ इंडिया) में प्रकाशित किया गया था। FSSAI के अनुसार, जीवन के पहले छह महीने बच्चों के स्वस्थ विकास और शारीरिक वृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। कम उम्र में ऐडेड शुगर के सेवन से बचपन में मोटापे और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस संशोधन के जरिए FSSAI का उद्देश्य निर्माताओं को ऐसे सुरक्षित फॉर्मूलेशन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो छोटे शिशुओं की प्राकृतिक पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। इस मसौदा अधिसूचना को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया गया है। प्राधिकरण ने हितधारकों से गजट जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं, जिनकी समीक्षा के बाद इस नियम को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) October 18, 2026













